बिलासपुर। न्यायधानी में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। पुलिस अपराधियों पर शिकंजा कसने की कोशिश कर रही है, लेकिन अपराधी बेखौफ होकर गंभीर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। लगातार हो रही हत्याओं से आम जनता खौफ के साये में जी रही है। एक हत्या की गुत्थी सुलझती नहीं कि दूसरा मामला पुलिस के सामने चुनौती बनकर खड़ा हो जाता है। इन घटनाओं में अब एक और हत्या का मामला सामने आया है, जिससे शहर में सनसनी फैल गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, हरिओम सिंह पिता विनोद सिंह, निवासी तोरवा, का शव विद्यानगर क्षेत्र में बरामद हुआ है। पुलिस ने शव का पंचनामा करवाया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि किस थाने की पुलिस ने यह कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि डायल 112 की टीम ने हरिओम को घायल अवस्था में जे.जे. अस्पताल पहुंचाया था। इसके बाद तोरवा थाने के एसआई दिनेश ने परिजनों को घटना की सूचना दी, तब मृतक के पिता विनोद सिंह को उनके बेटे के निधन की जानकारी मिली।
परिजनों ने मीडिया को बताया कि 24 अक्टूबर को इंद्रजीत यादव, श्रेयांश राजपूत और एक अन्य व्यक्ति उनके घर पर आए और हरिओम के बारे में पूछताछ की। उन्होंने कहा कि कुछ पैसों का मामला है। परिजनों ने अपना नंबर देकर उनसे कहा कि हरिओम आएगा तो बात करा देंगे। उसी रात 12:30 से 1:30 बजे के बीच हरिओम ने घर पर फोन किया और बताया कि “चाचू, इन्हें पैसा दे दो, ये लोग मुझे बहुत मार चुके हैं और मार रहे हैं।” परिजनों ने यादव से विनती की कि मारपीट न करें और बैठकर बात कर लें। बाद में श्रेयांश ने सुबह 4:30 बजे फिर से फोन किया, लेकिन कोई ठोस जानकारी नहीं दी। 25 अक्टूबर को, विनोद सिंह ने श्रेयांश को फिर से फोन कर हरिओम के बारे में पूछा, जिस पर बताया गया कि उसे मारपीट के बाद छोड़ दिया गया है। 26 अक्टूबर को तोरवा थाने से परिजनों को फोन आया और हरिओम के “एक्सीडेंट” में मारे जाने की जानकारी दी गई। परिजन इसे हत्या का मामला मान रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं।
घटना के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा कराया, लेकिन पंचनामा से पहले परिजनों ने शव पर कई जगह चोटों के निशान देखे और इसकी जानकारी मीडिया को दी। परिजनों का आरोप है कि यह रकम के लेनदेन को लेकर की गई हत्या है।

