छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रेप पीड़ित युवती को गर्भपात की दी अनुमति, विशेष कोर्ट का हुआ गठन
रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक रेप पीड़िता युवती को गर्भपात की अनुमति देने के लिए हाईकोर्ट ने विशेष कदम उठाया है। शीतकालीन अवकाश के दौरान, चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने विशेष कोर्ट का गठन कर जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल को मामले की सुनवाई करने का निर्देश दिया।
युवती ने 23 दिसंबर को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर 21-22 सप्ताह के गर्भ को समाप्त करने की अनुमति मांगी थी। उसने शपथ-पत्र के माध्यम से अपनी सहमति जाहिर की और बताया कि वह बिन ब्याही मां बनने के सामाजिक कलंक से छुटकारा चाहती है।

जस्टिस अग्रवाल ने इस गंभीर मामले में बिलासपुर कलेक्टर को मेडिकल बोर्ड गठित करने और युवती की मेडिकल जांच कर 26 दिसंबर तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। बोर्ड में स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ और रेडियोलॉजिस्ट सहित अन्य विशेषज्ञ शामिल होंगे।
मेडिकल जांच की रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया जाएगा कि युवती का गर्भपात संभव है या नहीं। इसके अलावा, हाईकोर्ट ने युवती की मेडिकल जांच का सारा खर्च राज्य सरकार को उठाने का निर्देश दिया है।
गौरतलब है कि युवती ने पहले डॉक्टरों से अबॉर्शन की राय ली थी, लेकिन मेडिको लीगल केस होने की वजह से डॉक्टरों ने यह करने से इंकार कर दिया। इससे परेशान होकर उसने न्यायालय का सहारा लिया।
हाईकोर्ट ने मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर को मेडिकल बोर्ड गठित करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने और आदेश की प्रति तुरंत भेजने का निर्देश दिया है।




