मध्यप्रदेश / पुलिस और रेलवे अधिकारी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास करते हैं ,जिसमें जरूरत के समय उनकी सहायता करना या पटरियों या ट्रेनों से गिरने वालों को बचाना शामिल है.कई बार ये हमारे लिए देवदूत बनकर हमारे सामने आते हैं.
एमपी के परिवार संग हुई घटना
“मध्य प्रदेश से एक परिवार अपनी 8 साल की बच्ची के साथ ट्रेन से वृन्दावन जा रहा था. यात्रियों ने रात में हवा के लिए इमरजेंसी खिड़की खोल रखी थी. उसी खिड़की से 8 वर्षीय बच्ची चलती ट्रेन से नीचे गिर गई. पिता की जब आंख खुली तब तक ट्रेन 10 से 12 किलोमीटर आगे निकल गई. ट्रेन रुकवाकर घटना की सूचना GRP और RPF को दी गई. 16 किमी का एरिया टारगेट कर GRP, RPF और रेलवे की टीमों में बच्ची को खोजने के लिए बांटा गया. सर्च ऑपेरशन में सभी टीमों की मेहनत आखिर रंग लाई. बच्ची ट्रैक के किनारे घायल अवस्था में मिल गई.”
तभी एक मालगाड़ी आती दिखी, रेलवे के अधिकारियों की मदद से बच्ची को तत्काल हॉस्पिटल ले जाने के लिए मालगाड़ी को रुकवाया गया. ललितपुर पहुंचकर बच्ची को उपचार हेतु हॉस्पिटल में भर्ती कराया. बच्ची फिलहाल ठीक है, उसके पैर में चोट आई है, जिसका उपचार चल रहा है. इस घटना की जानकारी सिपाही सचिन कौशिक ने अपने एक्स पर पोस्ट करके दी, इस पोस्ट के साथ सचिन ने तीन हैशटैग यूपी पुलिस, यूपी केयर और जीआरपी झांसी लिखे. वीडियो पर लोगों ने ढेर सारी प्रतिक्रिया दी. एक यूजर ने लिखा, “सर, नमन है ऐसे समर्पित पुलिसकर्मियों और रेलवे के अधिकारियों के लिए.”
